उद्धरण - 1176

आखिर धोखा दे गए न गाँव के लोग। तुम अब तो समझ गए होगे कि गाँव से सीधापन कब का उड़ गया। कई बार हम भी उनकी वेशभूषा देखकर उन्हें भोला समझ बैठते हैं। पता चलता है कि वे तो शातिर बदमाश को मात देते हैं।

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