उद्धरण - 1170

एक नामालूम-सा हीनताबोध ! तो क्या खरी-खरी बोलने को कहकर भी मन अपनी प्रसंसा ही सुनना चाह रहा था? शायद हाँ। उन्होंनें खुद को खुद से परे हटाकर देखा-लोभी मन!

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549