उद्धरण - 1155
ज़ायका की इन्हीं कोटियों में सर्वोच्च कोटि थी- जा़यका चक्रवर्ती की। यह सम्मान केवल एक लेखक को दिया गया था जिसे अपनी दस-बारह पृष्ठों की कहानियाँ तक कंठस्थ रहती थीं और दुनिया के किसी भी विषय पर होनेवाली बात को खींचकर जबरन अपने कहानी-पाठ पर ले आता था।
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