उद्धरण - 1139

ऐसा नहीं था कि सुंदरी ने उनकी जिंदगी में कोई सूनापन या अधूरापन पैदा कर दिया हो फिर भी वह एक ऐसी छाया थी जो किसी भी क्षण किसी भी अप्रत्याशित दिशा से आकर उनके चारों ओर फैली हुई धूप को बुझा सकती थी।

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549