उद्धरण - 1126
इंसान नाइंसाफी कर रहा है तो हम हारकर बैठ जाएँगे? अरे इन बेईमानों को सेठ के मूत में नहाने दे। हमारे हाथ-पाँव तो हमसे कोई नहीं छीन लेगा।
तुम्हारी उम्मीदें तो नहीं हारीं न ? हारता तो वह है जिसका मन मर जाता है जिसकी लड़ने की इच्छा खतम हो जाती है। मैं जानती हूँ कि तुम्हारे अपने लोग गद्दार निकल गए और तुम्हें मुँह की खानी पड़ी। फिर भी हम उठ खड़े होंगे। यह जंग बेवजह नहीं।
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