उद्धरण - 1123

और क्या ऐसा है कि जब भी तुम अकेली होती हो या उदास दुखी मन में उतर आती है वही छवि? जीवन-व्यापार की हर भँवर उसी से उठती उसी में खो जाती प्रतीत होती है?

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