उद्धरण - 1110

नाई देखते ही हजामत बढ़ जाती है। औरत जितनी भी गुणवती क्यों न हो भोगी के लिए उसका सिर्फ एक गुण है-भोगने की चीज़! नान्ह जातिवाला आदमी चाहे जितना भी ज्ञानी हो बड़ जातिवालों के लिए उसका सिर्फ एक उपयोग है-सेवा लेना।

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