उद्धरण - 1083
इस बात का पूरा अन्देशा है कि इस नावेल को कोई साला न छापे। छप भी जाए तो कोई साला न पढ़े। पढ़ भी ले तो कोई साला समझ न पाए। और समझ भी ले तो मारे जलन के कोई साला तारीफ न करे। मगर हमको है विश्वास हम होंगे कामयाब एक दिन। एक दिन देख लेना एक दिन।
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