उद्धरण - 1071
ग़लत कह रहे हो कौन ऐसा होगा जिसे बच्चे, कोंपलें ओर ताज़ा खिले फूल अच्छे नही लगेंगे। लेकिन कल्पना करो कोई शिशु अपने से बड़ो को गालियां बकना शुरु कर दे या दौड़ा दौड़ा कर पीटना शुरु कर दे तो वह सुंदर लगेगा या तरस खाने योग्य? पुराने का जाना और नये को आकर पुराना होना और जाना इस नियम से मैं भी वाक़िफ़ हूं किंतु ऐसा भी नहीं होता कि किसी वृक्ष पर केवल नये पत्तों को ही रहने का अधिकार होता है। पतझड़ एक साथ पुरानी पत्तियों को नहीं उखाड़ देता है। इस तर्क से समाज में जो पिछड़े हैं, जो हाशिये पर हैं उनकी रुचियों, उनके रिवाजों, संस्कृतियों के लिए कोई जगह ही नहीं होनी चाहिए।
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