उद्धरण - 1064

आस्माँ के बादलों के दामन में अपने ख्वाब टाँक लेना और उनके सहारे जिन्दगी बसर करने का ख्याल है तो बड़ा नाजुक मगर रानी बड़ा खतरनाक भी है। आदमी बड़ी ठोकरें खाता है। इससे तो अच्छा है कि आदमी का नाजुकख्याली से साबिका ही न पड़े। खाते-पीते हँसते-बोलते आदमी की जिन्दगी कट जाए।

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