उद्धरण - 1055

मास्टर के बड़े भाई थे सागर सिंह-सामाजिक व्यवहारकुशल और हँसमुख। वही घर के मालिक थे! छोटे भाई बाबूनन्दन गाने-बजाने वाले घुमन्तु और बैठकबाज थे। तीन भाई तीन रकम के थे। लेकिन ये तीनों भाई एक-दूसरे की बड़ी इज्जत करते थे।

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