उद्धरण - 1046

पतझड़ में जिंदा पेड़ की पत्तियाँ जिस तेजी से गिरती हैं बसंत में कोंपलें उससे ज्यादा तेज रफ्तार से फूटती हैं। कोंपलें फूटी फूटकर हरिया आई। मचलने लगी हवा में बारिश में।

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