उद्धरण - 1039

वे कॉफ़ी के प्याले को टकटकी बाँधकर देखते रहे। अचानक उन्हें लगा कि यह एक अभिनय है जो वे अपने आपको प्रभावित करने के लिए कर रहे हैं। तभी एक झटके के साथ उन्होंने सोचा कि सुदंरी की मौत का समाचार पाकर उन्हें वैसा झटका नहीं लगा जैसा कि उन्हें लगना चाहिए था जिसे महसूस करके वे अपने को एक सही संवेदनशील इन्सान मानने का संतोष प्राप्त् करते।

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