उद्धरण - 1032

क़िस्से न होते तो कहानियाँ भी न होतीं। क़िस्सा क्या है? कहानी का कच्चा माल। क़िस्से को कहानी बनने में वक़्त लगता है एक पूरी प्रकिया से गुजरना पड़ता है।

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