उद्धरण - 1029
केतकी के बारे में कोई ख़ास बहस नहीं हुई। वह दूर के रिश्ते में उनकी भतीजी थी। उसने लंदन में आंतरिक साजसज्जा का प्रशिक्षण पाया था और इस वक्त अमरीकी बाज़ार में स्वच्छंद बर्छीबाजी़ करके-जिसे अंग्रेजी़ में फ्रीलांसिग कहते हैं- कुछ दिनों के लिए भारत आई थी। सरकारी खर्चे पर वह राजभवन तक आई और वहाँ की सुंदरता में अपनी कला का योगदान करके सरकारी ख़र्चे पर ही अमेरिका वापस चली गई।
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