उद्धरण - 1006
स्त्रियाँ जिंदगी के गीतों संस्कारजनित उत्सवों और रोजमर्रा की जररूतों के चलते अपने आपको प्राकृतिक लीला में उतार रही हैं! या कि भीतर से उमड़ते करुण खूँखार हाहाकार को पीकर महविनाश को चुनौती देती हुई जीने की अदम्य चेष्टा कर रही हैं।
किस्से-कहानियाँ नहीं हैं गीतकथाएँ, जिंदगी और मौत के अनमिट दस्तावेज हैं।
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