उद्धरण - 1002

क़िस्सा का नगर ऐसा नगर है जहाँ हमारे पूर्वज हमेशा जिन्दा रहते हैं। वे जिन्दा लोगों के साथ ज़िन्दा लोगों की तरह बोलते-बतियाते हँसते-गाते और बाज वक़्त नाराज़ भी होते हैं। हालाँकि क़िस्सों के शहर की गलियाँ चौराहे घर चीजें और लोगबाग ठीक-ठीक वैसे ही नहीं होते जैसे वो वास्तव में थे। क़िस्सों का नगर क़िस्सों ने रचा है उसमें आना है तो तथ्यों को ढूँढ़ने की जिद छोड़कर आओ।

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549