उद्धरण - 992
इन्हीं चक्करों में घर के लिए वाशिंग मशीन, बड़ा टीवी, वैक्यूम क्लीनर, इनवर्टर, डबल बडे, गुदगुदा सोफ़ासेट आये। और एक बम्पर दीपावली धमाका के अंतर्गत घर में कार ख़रीद ली गयी।
परिवार किसी छुट्टी के दिन मोटर में सवार होकर लखनऊ पहुंच जाता जहां दिन भर घूम कर, कोई नयी फ़िल्म देख कर रात को अपने घर आ जाता। अगले दिन चाची प्लास्टिक के थैलों से सामान निकाल कर पड़ोसियों को दिखाती थीं। चाची अपने परिवेश की अकेली महिला थीं जो ‘गुप्ता मोटर ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल‘ से प्रशिक्षण लेकार कार चलाने थीं। लखनऊ स्थिर सहारागंज माल मे बिग बाज़ार का दर्शन करके लौटने में भी उन्हें शहर की प्रथम महिला होने का दर्जा प्राप्त था।
Comments
Post a Comment