उद्धरण - 953

प्रिंसिपल साहब उस दिन की बहस से समझ गए कि आदर्शवाद की तारीफ़ हम आदर्श के अन्तर्निहित मूल्य पर नहीं, उसके पीछे सहे जानेवाले त्याग, बलिदान और कष्ट के कारण करते हैं।

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