उद्धरण - 951

मानव समझते हैं, अहिंसा एक नकारात्मक परिस्थिति है - हिंसा का न करना मात्र। वे यह नहीं समझते कि संसार में कोई भी नकारात्मक परिस्थिति कभी नहीं टिक सकती- हिंसा न करना, पीड़ा न पहुँचाना, घृणा न करना, बिल्कुल निरर्थक, नहीं असम्भव है, तब तक जब तक कि हम शान्ति नहीं फैलाते, सुख नहीं देते, प्रेम नहीं करते, शक्ति अपने को बाँधने में नहीं, अपने को सीमाओं से उन्मुक्त करने में है...

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