उद्धरण - 943

किसान को, जैसा कि ’गोदान’ पढ़नेवाले और ’दो बीघा ज़मीन’ जैसी फ़िल्में देखनेवाले पहले से ही जानते हैं, जमीन ज़्यादा प्यारी होती है। यही नहीं, उसे अपनी ज़मीन के मुक़ाबले दूसरे की ज़मीन बहुत प्यारी होती है और वह मौक़ा मिलते ही अपने पड़ोसी के खेत के प्रति लालायित हो उठता है।

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549