उद्धरण - 933

जो रोष आदर्श के लिए है, वह धर्म है, यह तो तय है। पर कहा जा सकता है कि जो भी भावना मानव और मानव के भेद को मिटाने की, उसकी सीमाओं और बन्धनों को अधिकाधिक प्रसारित करने की चेष्टा करती है, वह आदर्श है।

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