उद्धरण - 931
उससे यह भी साबित होता है कि समाजवादी समाज की स्थापना के सिलसिले में हमने पहले तो घोड़े और मनुष्य के बीच भेदभाव को मिटाया है और अब मनुष्य के बीच भेदभाव को मिटाने की सोचेंगे।
खाद्य-विज्ञान का सिद्धान्त है कि आदमी की अक़्ल तो घास खाकर ज़िन्दा रह लेती है, आदमी खुद इस तरह नहीं रह सकता।
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