उद्धरण - 927

जो ‘स्वभावतः विद्रोही’ होते हैं, उनकी विद्रोह-चेष्टा बौद्धिक नहीं होती, उसका मूलोद्भव एक भावुकता से होता है । कभी वह भावुकता बौद्धिक विद्रोह से परिपुष्ट भी होती है, तब वह विद्रोही अपनी छाया देश और काल पर बिठा जाता है ।

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