उद्धरण - 926

एक गुस्सा कमजोरी होता है, एक गुस्सा कर्तव्य होता है। अगर अपने राष्ट्र का अपमान होता है, तो उस पर रोष राष्ट्र के और समाज के प्रति कर्तव्य होता है- वह रोष हमें देश को देना ही है। नहीं तो हममें भीतर कहीं प्राणों की जगह कचरा भरा हुआ है।

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