उद्धरण - 914

लोग तो पता नहीं, क्या क्या कर लेते हैं। नकली कंपनी बनाकर बाजार से करोड़ों रुपए शेयर उठा लेते हैं। कहीं कारखाना बनता नहीं, लेकिन गवर्नमेंट से करोड़ों रुपए ‘लोन‘ पर ले लेते हैं। यह सी आर भंसाली का कांड हुआ था न, उसने मेरे बंबईवाले दोस्त को अढ़ाई सौ करोड़ रुपए गवर्नमेंट से लोन दिलाया था। इसीलिए तो मारवाड़ी बदनाम हैं। उन्हें ऐसे ही भारत के ‘ज्यूज‘ (यहूदी) थोड़े ही कहा जाता रहा है। और एक बात सुन लीजिए पापा पहले जमाने में इस तरह आदमी शांति से रह सकता था। आज नहीं रह सकता।

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