उद्धरण - 901
ऐसे वाद्यों का महत्व यह है कि मौलिक प्राकृतिक शक्तियों से, प्रकृति के क्रीड़ा-कल्लोल से, सम-स्वरता वे ही सब से अच्छी तरह कर सकते हैं- हवा, बादल, आँधी, पानी, बिजली, लहर, दावानल, जलप्रपात-ढोल-मार्दल-मृदंग-तबले की थाप मानव को जिस सहज भाव से इनके निकट ले जा सकती है, इन के साथ एकतानता स्थापित कर सकती है, और वाद्य नहीं कर सकते.......
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