उद्धरण - 894
यह सीखना होगा कि नीति से अलग विज्ञान बिना सवार का घोड़ा है, बिना चालक का इंजनः वह विनाश ही कर सकता है। और संस्कृति से अलग विज्ञान केवल सुविधाओं और सहूलियतों का संचय है, और वह संचय भी एक को वंचित कर के दूसरे के हक में, और इस अम्बार के नीचे मानव की आत्मा कुचली जाती है, उस की नैतिकता भी कुचली जाती है।
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