उद्धरण - 861

लड़के भी खुश थे। वे जानते थे कि जितनी देर में एक गोल से दूसरे गोल तक एक ढेले-बराबर गेंद के पीछे हाथ में स्टिक पकड़े हुए वे पागलों की तरह भागेंगे, उतनी ही देर में वे ताड़ी का एक कच्चा घड़ा पी जाएँगे, या लग गया तो दाँव लगाकर चार-छः खींच लेंगे।

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