उद्धरण - 855

नग्नता का सत्य, सत्य की तरह नंगा, उसके जगत में नहीं था, आने नहीं दिया गया था, उसके लिए नग्नता झूठी थी, भद्दी थी, अवांछनीय और अदर्शनीय थी।

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