उद्धरण - 849

अपने विचारों को इस चारदीवारी से बाहर मत भटकने दो। अपने सगों का विचार करके तुम उनकी यातना नहीं घटा सकते, न उन्हें कोई सुख पहुँचा सकते हो। उल्टे हर समय उनके क्लेश की याद से तुम अपनी दृढ़ता की नींव खोद रहे हो!

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