उद्धरण - 844
दूसरी तरफ नेहरू ने कहा है कि यदि सुभाष बाबू जापानियों के साथ आए तो मैं हाथ में तलवार लेकर खुद उनका विरोध करूंगा। कम्युनिस्ट तो सुभाष बाबू को ‘क्विसंलिग‘ (गद्दार) कह ही रहे हैं। चारों तरफ घबराहट फैल गई। इसमें मेंहदी रचे हाथों की किसे फिक्र है ?
Comments
Post a Comment