उद्धरण - 837

आदमी को धीरज रखना होता है। किसी जगह आदमी अपनी साख एक दिन में नहीं जमा सकता। इसी बीच धीरज खो दे तो उससे बड़ी बेवकूफी कुछ नहीं। वक्त बड़ी चीज है।

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549