उद्धरण - 822
युद्ध में इनसान का गुण-दोष सब चरम रूप लेकर प्रकट होता है । मुश्किल यही है कि गुण प्रकट होते हैं तो मृत्यु के मुख में ले जाते हैं, दोष सुरक्षित लौटा लाते हैं । युद्ध के खिलाफ यह कम बड़ी दलील नहीं है- प्रत्येक युद्ध के बाद इनसान चारित्रिक दृष्टि से और गरीब होकर लौटता है ।
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