उद्धरण - 820

जब वह सुनता, फूलॉ की माँ उसे पुकार कर कहती है, ‘फूलॉ, आ रोटी खा ले’ तब उसे जान पड़ता, वे अत्यन्त दुखी होकर खाने बैठे हैं, क्योंकि कोई उनके साथ खाने को तैयार नहीं होगा, उसे लगता, वे मानो छिपकर चोरी से खा रहे हैं, क्योंकि वे किसी के समाने बैठकर खाने के हकदार नहीं हैं

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