उद्धरण - 815

फौजी जीवन में आदमी विवेक छोड़कर अनुशासन के सहारे चलता है, और युद्ध का दबाव उसे अनुशासन से भी परे ले जाता है--उस स्थिति को मैं क्या नाम दूँ?

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