उद्धरण - 809

माँ कहती है कि हम अपने इतिहास को मिटा नहीं सकते। इसलिए उस पर हमें शर्म या ग्लानि महसूस नहीं करनी चाहिए। हमारे पुरखों ने जो ठीक समझा, उन्होंने किया। जो हम ठीक समझेंगे, हम करेंगे। इतिहास से मुक्त होकर ही हम ठीक से जी सकते हैं।

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