उद्धरण - 805
नज़दीक के गाँवों में जो प्रेम-सम्बन्ध आत्मा के स्तर पर क़ायम होते हैं उनकी व्याख्या इस जंगल में शरीर के स्तर पर होती है। शहर से भी यहाँ कभी पिकनिक करनेवालों के जोड़े घूमने के लिए आते हैं और एक-दूसरे को अपना क्रियात्मक ज्ञान दिखाकर और कभी-कभी लगे-हाथ मन्दिर में दर्शन करके, सिकुड़ता हुआ तन और फूलता हुआ मन लेकर वापस चले जाते हैं।
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