उद्धरण - 803

हमीं द्वीप हैं, मानवता के सागर में व्यक्तित्व के छोटे-छोटे द्वीप, और प्रत्येक क्षण एक द्वीप हैं- खास कर व्यक्ति और व्यक्ति के सम्पर्क का, कांटेक्ट का प्रत्येक क्षण- अपरिचय के महासागर में एक छोटा किन्तु कितना मूल्यवान द्वीप!

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