उद्धरण - 801

कभी जी में आता है, कहीं डाका डालूँ- ये जो पड़ोस में मोटे लाला लोग रहते हैं, इनको मार डालूँ और इनकी हवेलियाँ लूट लूँ- या उस सरकारी डाक्टर को चुटिया पकड़कर घसीट लाउँ, जिसने आने की बात पर अकड़कर कहा था कि सरकारी डाक्टर कोई रास्ते की धूल नहीं है, जो हर कोई उठा ले जाए।

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