उद्धरण - 783

उन्हें बीच बीच में संदेह होने लगता था कि वे लोग किसी ओट से उनकी सारी गातिविधियां देख रहे हैं और धिक्कार रहे हैं। जब वह भांवरें ले रहे थे तो चौथे फेरे के बाद उन्हें हठात् अपनी पहली पत्नी की बोली सुनायी पड़ी थी और सातवें फेरे के वक़्त उन्हें सामने एक पेड़ के नीचे अपने बच्चे आपस में हाथ पकड़े हुए दिखे। इससे भी आधिक ग़ज़ब शादी के बाद हुआ।

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