उद्धरण - 782

श्रवणकुमार का जो आदर्श है, वही- जरा-सी चूक पर! -हमारी सारी पीढ़ी की पराजय और क्लीवता का, आदर्श-परायणता का, आत्म-बलिदान का प्रतीक नहीं, जड़-पूजा का, आत्म-प्रवंचना का, स्वाधीन जीवन की अपात्रता का प्रतीक है।

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