उद्धरण - 780
भोजन उतना पाओ कि जीते रह सको, जियो ऐसे कि भोजन पाने में समर्थ हो सको; चन्दा माँगो कि पढ़-लिख सको, पहन सको; पहनो ऐसा कि चन्दा माँगने में सहायक हो....व्यक्ति में समाज का, समाज में व्यक्ति का, धर्म में दोनों का और धर्म का दोनों में विश्वास बनाये रखने के लिए, कीड़े बनकर आओ और कीड़े बनकर रहो...
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