उद्धरण - 767

क्या कर रहे हो तुम, किशोर! हजारों साल की इस गहरी नींद से अब तो उठो। हिंदुस्तान की महाजाति के अब जागने का समय है दोस्त- भूत-प्रेत हनुमान-पीर-फकीर आदि सब बातें अब छोड़ दो। इन्होंने हमें बहुत धोखा दिया है। अब हमें सबसे मुक्त होना है।

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