उद्धरण - 760

खर्चा भेज देता था, कभी-कबाह चिट्ठी लिख देता था बस इस से अधिक उलझन नहीं थी न वह चाहता था। बच्चे बड़े होंगे तब पढ़ाई-वढ़ाई का प्रश्न उठेगा, अभी तो कोई चिन्ता नहीं, और पहले दो-चार बरस तो यों ही देखभाल लेगी- फिर बड़ी तो लड़की है, उसकी पढ़ाई की कौन इतनी चिन्ता है, लड़के की शुरू से फिक्र होती है.......

Comments

Popular posts from this blog

उद्धरण - 797

उद्धरण - 549