उद्धरण - 759

किशोर के अंदर रात को जो दुनिया चलती है, वह उसके दिन की दुनिया से बिलकुल अलग है। रात को वह दिमाग से नहीं सोच सकता। उसके सारे डर रात को असलियत ले लेते हैं। और वह पूरी शक्ति से उनसे लड़ते हुए भी उन्हें जीत नहीं पाता।

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