उद्धरण - 737

स्थिति यह थी : रात में सारे घर अंधकार में डूबे रहते। गांव में रात को रोशनी का स्त्रोत केवल श्मशान थे या चांद। लेकिन इतने मुर्दे जले और उसके बाद इतने लोग मरे कि उन्हें जलाने के लिए लड़कियों की बेपनाह कमी हो गयी थी। स्थिति इतनी ख़राब हो गयी कि अनेक ग़रीब गुरबा के शव वैसे ही फेंक दिये जाने लगे थे। जो जलाये जाते थे उन्हें इतनी कम लड़कियां मयस्सर होतीं कि शरीर के कई अंग अनजले रह जाते थे।

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