उद्धरण - 729
बैल, गाय, भैंसें, बकरियां, भेड़ें, कुत्ते-सभी-पहले कमज़ोर पड़ते, शुरुआत में वे चलने में अशक्त होते, उनके चिल्लाने चिग्घाड़ने में मंदता आती। फिर वे बेतरह सुस्त पड़ते और मर जाते थे।
यह एक वृहदाकार अकाल था जो दूर दूर तक फैला हुआ था। उसकी जकड़न इतनी घनघोर थी कि चारों ओर से जो इन्सान दिखायी देते थे उनके शरीर से बदबू आती रहती थी। तक़रीबन सभी के बदन पर फोड़े, फुंसियों, ज़ख़्म, खून, मवाद का हमला था।
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