उद्धरण - 727

उसके पास प्रत्येक अंग-प्रत्यंग पर पहने जाने वाले बारहों गहने- नुपूर, किंकिणी, चूड़ी,अंगूठी, कंकण, विजायण, हार, कंठश्री, बेसर, बिरिया, टीका, सीसफूल- हर तरह की नई पुरानी चाल के थे।

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