उद्धरण - 715

एक दिन उसे घर से आज्ञा मिली कि वह यदि पड़ोस वाले घर में चला भी जाए, तो वहाँ कुछ खाए-पीए नहीं, कुछ भी ग्रहण न करे, क्योंकि वे छोटी जाति के हैं...... ‘‘तो फिर उनके साथ खेलते क्यों हैं, बोलते क्यों हैं?’ तो उत्तर नहीं मिला।

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